मार्गशीर्ष माह विशेष

मार्गशीर्ष माह विशेष



हिन्दू शास्त्रों में सर्वाधिक पवित्र महीना माना जाता है. यह इतना पवित्र है कि भगवान गीता में कहते हैं कि - महीनों में, मैं मार्गशीर्ष हूं. इसी महीने से सतयुग का आरम्भ माना जाता है.

कश्यप ऋषि ने इसी महीने में कश्मीर की रचना की थी. इस महीने को जप तप और ध्यान के लिए सर्वोत्तम माना जाता है. इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान करना विशेष फलदायी होता है.

मार्गशीर्ष माह किस प्रकार से शुभ फलदायी होता ज्योतिषाचार्य पं आनन्द शर्मा ने बताया
इस माह में प्रभु श्री कृष्ण का विशेष पूजन करने से भक्तों कार्य सिद्ध होते है  इस माह में श्री कृष्ण के 108 नामों का जाप करना बहुत शुभ फलदायक होता है पूरे महीने ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करे

 इस माह में मंगलकार्य विशेष फलदायी होते हैं.

 इस माह  में श्रीकृष्ण की उपासना और पवित्र नदियों में स्नान विशेष शुभ होता है.

इस माह में संतान के लिए वरदान बहुत सरलता से मिलता है.

 चन्द्रमा से अमृत तत्व की प्राप्ति भी होती है.

इस महीने में कीर्तन करने का फल अमोघ होता है.



इस माह में तेल की मालिश बहुत उत्तम होती है

 जीरे का सेवन नहीं करना चाहिए.


 मार्गशीर्ष माह में संध्याकाल की उपासना अवश्य करनी चाहिए.


मार्गशीर्ष माह में ऐसे करे पूजन प्रभु सवारेंगे आपका जीवन


विष्णुसहस्रनाम या श्री भागवत गीता का पाठ करे

प्रभु श्री कृष्ण का पूरे माह पूजन करें

 तुलसी के पत्तों का भोग लगाएं और उसे प्रसाद की तरह ग्रहण करें.

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" का जाप करें.



 अगर इस महीने किसी पवित्र नदी में स्नान का अवसर मिले तो अवश्य करें.

ॐ नमो नारायणाय     ॐ नमो भगवते वासुदेवाय   जय जय श्री हरिविष्णु   श्री दामोदराय नमः  श्री माधवाय नमः  श्री गोविन्दाय नमः श्री राधमाधवाय नमः श्री गोपीवलभाय नमः श्री कृष्णाय नमः

Comments

  1. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय जय श्री कृष्ण

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