पौष मास में सूर्यदेव की विशेष पूजा का विधान है ।
जयपुर के ज्योतिषाचार्य आनन्द शर्मा ने पौष मास में श्री सूर्यदेव की पूजा को बहुत शुभकारी बताया है आइये जानते किस प्रकार सूर्य देव प्रसन्न कर यश , वैभव ,सम्रद्धि प्राप्त कर सकते है
सूर्य उदय से पहले उठकर नित्यकर्म से निवर्त हो स्नान के पश्चात श्री सूर्य देव की पूजा की तैयारी करें उगते हुए सुर्य की तरफ मुँह करके एक घी का दीपक प्रज्वलित करें व तांबे के बर्तन में जल, लाल चंदन और लाल फूल डालकर सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।
साथ ही सूर्य का मंत्र - ‘ॐ घृणि सूर्याय नम:’का जाप करना चाहिए। अगर संभव हो तो रविवार के दिन सूर्यदेव के निमित्त उपवास भी करना चाहिए और। गरीब असहायों को तिल-चावल की खिचड़ी का दान करना चाहिए। इससे प्रभु सूर्य नारायण की कृपा प्राप्ति होती हैं
पौष मास के प्रत्येक रविवार सुबह ,ॐ घृणि सूर्याय नमः , मन्त्र के 1100 जाप लाल चंदन की माला से विधि पूर्वक करने से मनुष्य को यश वैभव सम्रद्धि प्राप्त होती हैं
जयपुर के ज्योतिषाचार्य आनन्द शर्मा ने पौष मास में श्री सूर्यदेव की पूजा को बहुत शुभकारी बताया है आइये जानते किस प्रकार सूर्य देव प्रसन्न कर यश , वैभव ,सम्रद्धि प्राप्त कर सकते है
सूर्य उदय से पहले उठकर नित्यकर्म से निवर्त हो स्नान के पश्चात श्री सूर्य देव की पूजा की तैयारी करें उगते हुए सुर्य की तरफ मुँह करके एक घी का दीपक प्रज्वलित करें व तांबे के बर्तन में जल, लाल चंदन और लाल फूल डालकर सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।
साथ ही सूर्य का मंत्र - ‘ॐ घृणि सूर्याय नम:’का जाप करना चाहिए। अगर संभव हो तो रविवार के दिन सूर्यदेव के निमित्त उपवास भी करना चाहिए और। गरीब असहायों को तिल-चावल की खिचड़ी का दान करना चाहिए। इससे प्रभु सूर्य नारायण की कृपा प्राप्ति होती हैं
पौष मास के प्रत्येक रविवार सुबह ,ॐ घृणि सूर्याय नमः , मन्त्र के 1100 जाप लाल चंदन की माला से विधि पूर्वक करने से मनुष्य को यश वैभव सम्रद्धि प्राप्त होती हैं

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