सूर्य ग्रहण का मनुष्यों के सांसारिक जीवन मे बहुत प्रभाव पड़ता है । यदि की जातक की कुंडली मे ग्रहों से कोई दोष है तो ग्रहण के समय वह प्रबल भी हो सकता है । यदि ग्रहण काल मे उस ग्रह के सम्बंध में कोई उपाय किया जाए तो उसे ग्रहों की पीड़ा से मुक्ति भी मिलती है ।
जयपुर के ज्योतिषाचार्य आनन्द शर्मा ने बताया ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान मंत्र जप और ध्यान करना सर्वोत्तम माना जाता है। ऐसा करने से आपके कुंडली में मौजूद सभी ग्रह शांत रहते हैं और इससे नववर्ष में भी आपको बेहतर परिणाम मिलेंगे। नववर्ष पर आपकी आय में भी वृद्धि होगी। सुख सम्रद्धि व लक्ष्मी आपके घर मे निवास करेगी ।
सूर्यग्रहण राहु व केतु के दोष निवारण के लिए सर्वश्रेष्ठ है ..
सूर्य ग्रहण के समय राहु-केतु से संबंधित उपाय करना लाभदायक माना जाता है। ऐसा करने से राहु-केतु शांत रहते हैं और अनावश्यक कष्टों से मुक्ति मिलती है। सूर्य ग्रहण के समय राहु ,केतु के मंत्रो का जाप व सूर्य ग्रहण के पश्चात इन ग्रहों से सम्बंधित दान करने से राहु केतु ग्रह पीड़ा से मुक्ति मिलती है सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियां आपसे दूर रहती हैं, इससे नववर्ष मेंआपके घर में सुख-शांति का वास होता है।
सूर्य ग्रहण के समय पवित्र नदी ,सरोवर में स्नान का फल ..
नववर्ष पर को सुखद बनाने के लिए ग्रहण काल के बाद पवित्र नदी में या शीतल जल में गंगाजल या पवित्र नदी का जल डालकर नहाना चाहिए। ऐसा करने से नए साल पर आपका स्वास्थ्य सही रहता है और समाज में आपकी मान-प्रतिष्ठा में निश्चित रूप से वृद्धि होती है
ग्रह दोष व कष्टों के निवारण के लिए ..
सूर्य ग्रहण के बाद अन्न, कपड़े और धन का दान-पुण्य का महत्व सबसे अधिक माना गया है। दान केवल असहाय , निर्धन व्यक्ति या दानपात्र संस्था को ही दे ।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से जीवन आ रही बाधाओ व परेशानियों से मुक्ति मिलती है । साथ ही ऐसा करने से नववर्ष पर नव ग्रहों की पीड़ा से मुक्ति मिलेगी
सूर्य ग्रहण के समय इष्ट देवता के मंत्रो का जाप करे ...
सूर्य ग्रहण के समय अपने इष्ट के मंत्रों का जप करना बहुत शुभदायी व लाभदायक माना जाता है। इनकी आराधना करने से व्यक्ति जीवन में उन्नति आती है, इससे आपको नव वर्ष पर आपको सभी इष्ट देवों को आशीर्वाद अवश्य प्राप्त होगा ।
घर मे सुख ,सम्रद्धि ,लक्ष्मी के लिए ..
सूर्य ग्रहण के बाद यदि आपके नजदीक में या मन्दिर में कोई पीपल का पेड़ हो तो उसमे जल चढ़ाएं शुद्ध घी का दीपक जलाए व ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बार जाप करे इस प्रकार किये पूजन से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है ऐसा करने से नववर्ष में सांसारिक सुख भोगों में वृद्धि होगी लक्ष्मी का आगमन होगा और जीवनसाथी के साथ मधुर संबंध सदा बने रहेंगे
शनि ग्रह की पीड़ा शांति के लिए उपाय ..
सूर्य ग्रहण के पश्चात स्नान करके श्री दक्षिणामुखी हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाये शुद्ध गाय के घी का दीपक जलाएं व श्री हनुमान चालीसा , ,हनुमानबाहुक का पाठ करे या सुन्दरकाण्ड का पाठ करे । लडुडु या गुड़ भुने हुए चने का भोग लगाएं । श्री हनुमानजी से संकट कष्टो की मुक्ति के लिए प्रार्थना करें
सूर्य ग्रहण के बाद गरीबों और असहाय लोगों की मदद करें। गायों को चारा डाले उन्हें गुड़ खिलाये व कुत्तों को भी गुड़ से बना खाना डाले
जयपुर के ज्योतिषाचार्य आनन्द शर्मा ने बताया ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान मंत्र जप और ध्यान करना सर्वोत्तम माना जाता है। ऐसा करने से आपके कुंडली में मौजूद सभी ग्रह शांत रहते हैं और इससे नववर्ष में भी आपको बेहतर परिणाम मिलेंगे। नववर्ष पर आपकी आय में भी वृद्धि होगी। सुख सम्रद्धि व लक्ष्मी आपके घर मे निवास करेगी ।
सूर्यग्रहण राहु व केतु के दोष निवारण के लिए सर्वश्रेष्ठ है ..
सूर्य ग्रहण के समय राहु-केतु से संबंधित उपाय करना लाभदायक माना जाता है। ऐसा करने से राहु-केतु शांत रहते हैं और अनावश्यक कष्टों से मुक्ति मिलती है। सूर्य ग्रहण के समय राहु ,केतु के मंत्रो का जाप व सूर्य ग्रहण के पश्चात इन ग्रहों से सम्बंधित दान करने से राहु केतु ग्रह पीड़ा से मुक्ति मिलती है सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियां आपसे दूर रहती हैं, इससे नववर्ष मेंआपके घर में सुख-शांति का वास होता है।
सूर्य ग्रहण के समय पवित्र नदी ,सरोवर में स्नान का फल ..
नववर्ष पर को सुखद बनाने के लिए ग्रहण काल के बाद पवित्र नदी में या शीतल जल में गंगाजल या पवित्र नदी का जल डालकर नहाना चाहिए। ऐसा करने से नए साल पर आपका स्वास्थ्य सही रहता है और समाज में आपकी मान-प्रतिष्ठा में निश्चित रूप से वृद्धि होती है
ग्रह दोष व कष्टों के निवारण के लिए ..
सूर्य ग्रहण के बाद अन्न, कपड़े और धन का दान-पुण्य का महत्व सबसे अधिक माना गया है। दान केवल असहाय , निर्धन व्यक्ति या दानपात्र संस्था को ही दे ।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से जीवन आ रही बाधाओ व परेशानियों से मुक्ति मिलती है । साथ ही ऐसा करने से नववर्ष पर नव ग्रहों की पीड़ा से मुक्ति मिलेगी
सूर्य ग्रहण के समय इष्ट देवता के मंत्रो का जाप करे ...
सूर्य ग्रहण के समय अपने इष्ट के मंत्रों का जप करना बहुत शुभदायी व लाभदायक माना जाता है। इनकी आराधना करने से व्यक्ति जीवन में उन्नति आती है, इससे आपको नव वर्ष पर आपको सभी इष्ट देवों को आशीर्वाद अवश्य प्राप्त होगा ।
घर मे सुख ,सम्रद्धि ,लक्ष्मी के लिए ..
सूर्य ग्रहण के बाद यदि आपके नजदीक में या मन्दिर में कोई पीपल का पेड़ हो तो उसमे जल चढ़ाएं शुद्ध घी का दीपक जलाए व ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बार जाप करे इस प्रकार किये पूजन से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है ऐसा करने से नववर्ष में सांसारिक सुख भोगों में वृद्धि होगी लक्ष्मी का आगमन होगा और जीवनसाथी के साथ मधुर संबंध सदा बने रहेंगे
शनि ग्रह की पीड़ा शांति के लिए उपाय ..
सूर्य ग्रहण के पश्चात स्नान करके श्री दक्षिणामुखी हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाये शुद्ध गाय के घी का दीपक जलाएं व श्री हनुमान चालीसा , ,हनुमानबाहुक का पाठ करे या सुन्दरकाण्ड का पाठ करे । लडुडु या गुड़ भुने हुए चने का भोग लगाएं । श्री हनुमानजी से संकट कष्टो की मुक्ति के लिए प्रार्थना करें
सूर्य ग्रहण के बाद गरीबों और असहाय लोगों की मदद करें। गायों को चारा डाले उन्हें गुड़ खिलाये व कुत्तों को भी गुड़ से बना खाना डाले

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