श्री आदित्य ह्रदय स्तोत्र की महिमा का वर्णन अगस्त्य ऋषि ने मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम को रावण से युद्ध के समय किया था ।आइये जानते इस स्तोत्र का पाठ किस किस को करना चाहिए । व इस स्तोत्र पाठ का महत्व जानते है ....
भगवान राम को युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए अगस्त्य ऋषि द्वारा इस स्तोत्र का वर्णन किया गया था. सूर्य के समान तेज प्राप्त करने और युद्ध तथा मुकदमों में विजय प्राप्त करने के लिए इसका पाठ अमोघ है
जयपुर के ज्योतिषाचार्य आनन्द शर्मा ने बताया की श्री आदित्य ह्रदय स्तोत्र पाठ के कुछ विशेष नियम हैं, जिनका पालन न करने से इसका फल नहीं मिलता है ।आइये जानते स्तोत्र करने के नियम व महत्व व कीसे करना चाहिए पाठ ..
किसको इस स्तोत्र का पाठ करना चाहिए-
अगर राज्य पक्ष से पीड़ा हो, कोई सरकारी मुकदमा चल रहा हो.
लगातार रोग परेशान कर रहें हों, ख़ासतौर से हड्डियों या आंखों के रोग.
अगर पिता के साथ संबंध अच्छे न हों.
अगर आंखों की समस्या गंभीर रूप से परेशान कर रही हों.
जीवन के किसी भी बड़े कार्य में सफलता के लिए भी इसका पाठ उत्तम होगा.
श्री आदित्य ह्रदय स्तोत्र पाठ करने के नियम...
रविवार को प्रातःकाल में इसका पाठ करें.
सूर्योदय के समय भी इसका पाठ कर सकते हैं
सुबह नित्यकर्म से निवर्त हो कर पहले स्नान करें और सूर्य को अर्घ्य दें
तत्पश्चात श्रीसूर्य नारायण के समक्ष ही श्री आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करें
पाठ के पश्चात सूर्य देव का ध्यान करें
जो लोग आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें वो लोग रविवार को तामसिक भोजन व मांसाहार, मदिरा तथा तेल का प्रयोग न करें
भोजन सूर्यास्त से पहले करे नमक का सेवन भी न करें
भगवान राम को युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए अगस्त्य ऋषि द्वारा इस स्तोत्र का वर्णन किया गया था. सूर्य के समान तेज प्राप्त करने और युद्ध तथा मुकदमों में विजय प्राप्त करने के लिए इसका पाठ अमोघ है
जयपुर के ज्योतिषाचार्य आनन्द शर्मा ने बताया की श्री आदित्य ह्रदय स्तोत्र पाठ के कुछ विशेष नियम हैं, जिनका पालन न करने से इसका फल नहीं मिलता है ।आइये जानते स्तोत्र करने के नियम व महत्व व कीसे करना चाहिए पाठ ..
किसको इस स्तोत्र का पाठ करना चाहिए-
अगर राज्य पक्ष से पीड़ा हो, कोई सरकारी मुकदमा चल रहा हो.
लगातार रोग परेशान कर रहें हों, ख़ासतौर से हड्डियों या आंखों के रोग.
अगर पिता के साथ संबंध अच्छे न हों.
अगर आंखों की समस्या गंभीर रूप से परेशान कर रही हों.
जीवन के किसी भी बड़े कार्य में सफलता के लिए भी इसका पाठ उत्तम होगा.
श्री आदित्य ह्रदय स्तोत्र पाठ करने के नियम...
रविवार को प्रातःकाल में इसका पाठ करें.
सूर्योदय के समय भी इसका पाठ कर सकते हैं
सुबह नित्यकर्म से निवर्त हो कर पहले स्नान करें और सूर्य को अर्घ्य दें
तत्पश्चात श्रीसूर्य नारायण के समक्ष ही श्री आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करें
पाठ के पश्चात सूर्य देव का ध्यान करें
जो लोग आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें वो लोग रविवार को तामसिक भोजन व मांसाहार, मदिरा तथा तेल का प्रयोग न करें
भोजन सूर्यास्त से पहले करे नमक का सेवन भी न करें

Comments
Post a Comment