सूर्य ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के उपाय सभी राशियों के लिए

सूर्य ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के विशेष उपाय
आइए जानते है ज्योतिषाचार्य पं आनन्द शर्मा द्वारा बताए गए विशेष उपाय सभी राशियों के लिए :-


👉सूर्य ग्रहण के समय सभी को अपने इष्ट देवता को मन ही मन
स्मरण करना चाहिए व उनसे कुशल मंगल की कामना करनी चाहिए। 

👉सूर्य ग्रहण के समय आप देवी देवताओं के  बीज मंत्र का जाप करें। इसके अलावा  देवी  देवताओं के चालीसा पाठ और भजन कीर्तन करना चाहिए।

👉 इस दौरान ध्यान रखें कि सब कुछ मन मे करें। भगवान की प्रतिमा को न छूएं। सूतक काल में स्नान करना जरूरी होता है। स्नान करने के बाद प्रभु उपासना करते रहें और जब ग्रहण खत्म हो जाए तो आप सर्वप्रथम एक बार फिर स्नान करें और देवी देवताओं की मूर्तियों को गंगाजल छिड़ककर उन्हें शुद्ध करें।

👉 सूर्य ग्रहण काल के दौरान तुलसी के पौधे को न छूएं, बलकि ग्रहण शुरू होने से पहले तुलसी के पत्तों का बचे हुए खाने में डाल दें। इससे ग्रहण का प्रभाव बचे भोजन पर नहीं पड़ता। वहीं जब ग्रहण खत्म हो जाए तो तुलसी पर भी गंगाजल छिड़ककर शुद्ध कर दें।

👉 ग्रहण के दौरान आप दीपक जलाकर गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते रहें। ये जाप आपके संकटों को दूर कर देगा।

👉 सूर्य ग्रहण के सूतक लगने के बाद से ही भोजन करना, खाना पकाना, नहाना, शौच आदि या सोने का काम नहीं करना चाहिए। 

👉सूर्य ग्रहण के समय सूर्य देव की की मन में आराधना जरूर करें। ऐसा करने से सूर्यदेवता आप पर अपन कृपा बनाए रखेंगे। 

👉सूर्य ग्रहण के समय “ऊँ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय: नम:” और “ऊँ घृणि: सूर्याय नम:” मंत्र का जाप करते रहें। सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद दान जरूर करना चाहिए। अपनी इच्छा शक्ति अनुसार जो कुछ आप जरूरत मंद को दान दे सकते हैं दें। 

👉ग्रहण काल में दान की चीजों को छू कर रख दे और ग्रहण समाप्त होने पर उसे दान कर दें। कोई घातु, गेहूं, गुड़, घी, लाल कपड़ा, लाल फूल, केशर, मूंगा, लाल गाय, लाल चंदन, तेजफल, गुलाबी पगड़ी, गुलाबी रंग के वस्त्र, खसखस, साठी के चावल, वस्त्र, लकड़ी की वस्तु आदि का दान किया जा सकता है।

इसी प्रकार से किये गए उपायो से सूर्य ग्रहण के दुष्प्रभाव से बच सकते है । प्रभु आपकी अनिष्ट अमंगल से रक्षा करते है।

ध्यान में रखें यदि किसी जातक व जातिका  की कुंडली में  सूर्य की नीच का हो या कोई कुंडली मे दुर्योग  को  कालसर्प योग हो या मारकेश  की दशा या महादशा हो  तो उन्हें किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेकर ग्रहण काल मे उसका उपाय करना चाहिए ।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय   जय जय सियाराम  ॐ हं हनुमते नमः

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