🌷🌞सोमवती अमावस्या पर पितृदोष शान्ति के लिए किए जाने वाले विशेष और अचूक उपाय-🌷🌞
🌺१. अमावस्या पितरों का दिन माना गया है। इस दिन घर के पितृगण का तर्पण करना चाहिए। घर में पूर्ण शुद्धि से बनाए भोजन का भोग उन्हें भेंट करना चाहिए। इससे पितर तृप्त होते हैं तथा आशीष देते हैं। यदि पितरों का आशीर्वाद नहीं मिल रहा है तो सारी पूजा-पाठ के बावजूद आपको अपेक्षित लाभ नहीं हो सकता, इसलिए पितरों की तृप्ति आवश्यक कही गई हैं।
🌺२. यदि पितर सन्तुष्ट एवं प्रसन्न हैं तो जीवन के सभी संकट दूर होते हैं। घर-परिवार में सुख शान्ति प्राप्त होती है। पितरों के निमित्त तर्पण के साथ ही साथ कुछ भोजन एवं अन्न निकाल देना चाहिए। यह भोजन पशुओं जैसे गाय, कौए, कुत्ते, जलचर जैसे मछली आदि को खिला दें। किसी दरिद्र को अन्न या भोजन भी दान कर सकते हैं। आपके सेवाभाव से पितरों को तृप्ति मिलती हैं। जब वे देखते हैं कि उनकी सन्तानें दयावान हैं, सभी जीवों पर दयालु हैं तो उनका मन प्रसन्न होता है।
🌺३. सोमवती अमावस्या को पीपल के वृक्ष की पूजा करें। पेड़ को जनेऊ एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें। इसके बाद भगवान विष्णु के मन्त्र "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" का जाप करें। पीपल की सात परिक्रमा करें।
🌺 ४. अमावस्या के दिन स्टील के लोटे में गाय का दूध, काले और सफेद तिल और थोड़ा जल मिला लें। इसे पीपल की जड़ में जल अर्पित करें।
🌺५. सोमवती अमावस्या के दिन अपने पूर्वजों के नाम पर गरीबों, गाय, मछलियों आदि को भोजन, चारा आदि दें।

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